2019 में करवा चौथ कब है ?

करवा चौथ कब है

करवा चौथ कब है ?

करवा चौथ कब है करवा चौथ हिंदु धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है.करवा चौथ कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को मनाया जाता है.उत्तर भारत में यह त्यौहार बेहद प्रचलित है.यह त्यौहार कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी के सुबह से रात चन्द्रदर्शन के बाद ख़त्म होता है.

इस साल 17 अक्टूबर 2019 को करवा चौथ मनाया जायेगा.

करवा चौथ का मुहूर्त – करवा चौथ कब है ?

करवा चौथ पूजा मुहूर्त = 17:46 से 19:03

समय = 1 घंटा 16 मिनट
चंद्रोदय = 20:21
चतुर्थी तिथि आरंभ = 6.48 दिन 17-10-2019
चतुर्थी तिथि समाप्त = 07:28 दिन 18-10-2019

करवा चौथ का स्वरुप कैसे होता है?- करवा चौथ कब है ?

करवा चौथ के दिन सुहागन महिला अपने पति के लंबी आयु के लिए व्रत रखती है.दिनभर वे जल और अन्न का सेवन नही करती.इस दिन सुहागन महिलाए भगवान शिव-पार्वती,स्वामी कार्तिकेय,भगवान गणेश और चंद्रदेव की पूजा करती है.पूजा करने के लिए बालू अथवा सफेद मिट्टी की वेदी बनाकर सभी देवताओ को स्थापित किया जाता है. बादमे इन देवताओं की विधिवत पूजा कर उन्हें भोग चढ़ाया जाता है.


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देवताओं की विधिवत पूजा के बाद चंद्रोदय का इंतेजार किया जाता है.रात को चंद्रमा के उदित हो जाने पर चंद्रमा की पूजा की जाती है.चंद्रमा की पूजा कर उन्हें अर्घ्य प्रदान करते है.इसके बाद सुहागन महिलाए छननी के माध्यम से पहले चंद्रमा और बादमे अपने पति के दर्शन करती है.इसके बाद महिलाए पति,साँस, ससुर को खाना खिलाकर उनके पश्चात खुद खाना खाती है और अपना व्रत पूर्ण करती है.

करवा चौथ से जुडी कथाए- करवा चौथ कब है ?

करवा चौथ कब शुरू हुआ इसके बारे में कोई विश्वसनीय जानकारी उपलब्ध नही है.हिंदु समाज की मान्यताओं में बहोतसी ऐसी कहानिया है जिन्हें करवा चौथ के व्रत से जोड़ा जाता है.इनमेसे एक प्रसिद्ध कहानी हम यहा बता रहे है.

एक बार कुंतीपुत्र अर्जुन तपस्या करने के लिए नीलगिरी पर्वत पर चले गए.भगवान को प्रसन्न कर मनचाहा वरदान पाने के लिए अर्जुन को कड़ी तपस्या करनी पड़ी और वे लंबे समय तक घर से दूर रहे.पति को लंबे समय से खुदसे दूर पाकर द्रौपदी विचलित हो गयी.उन्होंने भगवान कृष्ण को याद किया.भगवान कृष्ण ने द्रौपदी को निराहार व्रत करने की सलाह दी.

भगवान कृष्ण की सलाह के अनुसार द्रौपदी ने निराहार व्रत किया और भगवान शिव,माता पार्वती, भगवान गणेश और चंद्रदेव को आवाहन किया.द्रौपदी के व्रत से देवता प्रसन्न हुए और द्रौपदी से वरदान माँगने के लिए कहा.तब द्रौपदी ने अपने पतियों की लंबी उम्र, उनकी सफलता और अर्जुन को तुरंत देखने की इच्छा प्रकट की.देवताओने द्रौपदी की इच्छा पूर्ण की.इसी रात अर्जुन की तपस्या पूर्ण हुयी और वे वापस घर लौट आये.यह दिन कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी का था.तबसे इस दिन व्रत रखने की परंपरा कायम है.

करवा चौथ से जुडी और कई कहानिया प्रसिद्ध है जिन्हें आप विकिपीडिया पर जाकर पड़ सकते है.

नोट:- हमें उम्मीद है आपको अपने सवाल “करवा चौथ कब है” का जवाब मिल गया होगा.इस आर्टिकल में लिखी गयी सभी जानकारी को लिखनें मे बेहद सावधानी बरती गयी है.फिर भी किसी भी प्रकार त्रुटि की संभावना से इनकार नही किया जा सकता.इसके लिए आपके सुझाव कमेंट के माध्यम से सादर आमंत्रित हैं.

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