2019 का दशहरा कब है ?

दशहरा कब है 2019

दशहरा कब है ?

दशहरा कब है यह सवाल अक्सर पूछा जाता है.दशहरे को लेकर लोग सालभर उत्साहित रहते है.दशहरा हिंदु धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है.दशहरा आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की दशमी को मनाया जाता है.इस दिन को हिंदु अच्छाई की बुराई पर जित के तौर पर मनाते है.दशहरे के दिन भगवान राम ने रावण का वध कर सीता माँ को छुड़ाया था.इसी दिन माँ दुर्गा ने 9 रात्र और 10 दिन के युद्ध के बाद महिषासुर का वध किया था.इसलिए दशहरे को विजयादशमी भी कहा जाता है.दशहरे के दिन शस्त्रो की पूजा की जाती है.

इस साल दशहरा 8 अक्टूबर 2019 को मनाया जायेगा.

विजयादशमी शुभ मुहूर्त – दशहरा कब है ?

विजय मुहूर्त = १४:०५ से १४:५१
अवधि = ० घण्टे ४६ मिनट्स
अपराह्न पूजा का समय = १३:१८ से १५:३७
अवधि = २ घण्टे १८ मिनट्स
दशमी तिथि प्रारम्भ = ७/अक्टूबर/२०१९ को १२:३७ बजे
दशमी तिथि समाप्त = ८/अक्टूबर/२०१९ को १४:५० बजे

दशहरा का महत्त्व – दशहरा कब है ?

हिंदु धर्म में दशहरा बेहद महत्वपूर्ण है.हिंदु मान्यताओं के अनुसार दशहरा 3 1/5 प्रमुख मुहूर्तों में से एक है.इस दिन किसी भी कार्य की शुरुआत करने से वह कार्य सफल होता है.लोग इस दिन नई चीजों की खरीदारी करते है.कुछ लोग मकान बनाने की शुरुआत दशहरे के दिन से करते है.कुछ लोग नए कारोबार की शुरुआत इस दिन से करते है.

विजयादशमी को शौर्य और वीरता का त्यौहार माना जाता है.पुराने ज़माने में राजा महाराजा दशहरे के दिन शस्त्रो की पूजा कर युद्ध के लिए जाते थे.भगवान राम ने भी नवरात्र के नऊ दिनों तक माँ दुर्गा की पूजा की और दशमी के दिन रावण से युद्ध कर उसका वध किया था.इसलिए इस दशमी को विजयादशमी कहा गया.

दशहरा किसानों के लिए भी एक महत्वपूर्ण त्यौहार है. इस दिन किसान खेतों की फसल काट उसे भगवान को चढ़ाते है.इसके बाद से फसलों की कटाई शुरू हो जाती है.

दशहरे की पौराणिक कहानियां – दशहरा कब है ?

दशहरे से जुडी कुछ पौराणिक कहानियां हिंदु जनमानस में काफी लोकप्रिय है. इनमेसे कुछ कहानिया हम यहाँपर बता रहे है.

महिषासुर और भगवती की कहानी – दशहरा कब है ?

दंभ राजा को महिषासुर नाम का पुत्र था.महिषासुर को अमर होने की चाह थी.इसलिए महिषासुर ने कठिन तपस्या की और भगवान ब्रम्हा को प्रसन्न कर लिया और अमरत्व का वरदान माँगा.लेकिन भगवान ब्रम्हा ने उसे अमरत्व का वरदान देने से इंकार कर दिया और कोई अन्य वरदान माँगने के लिए कहा.महिषासुर ने वरदान माँगा की कोई देवी,देवता या आदमी उसके मौत का कारण ना बने, अगर उसकी मृत्यु होनी ही है तो किसी औरत के हाथो हो.महिषासुर को पता था की दुनिया में ऐसी कोई औरत नही जो उसे मार सके.महिषासुर का वरदान सुनकर ब्रम्हाजी तथास्तु कहकर वहा से चले गए.

ब्रम्हाजी के आशीर्वाद से महिषासुर तकरीबन अमर हो गया था.उसे देवी देवताओं समेत किसी का भय नही था.अहंकार में अंधे महिषासुर ने पृथ्वी और पाताल पर कब्ज़ा कर लिया.बादमे उसने स्वर्ग पर हमला किया. महिषासुर के भय से इंद्र ब्रम्हा जी के पास पोहुचे,लेकिन ब्रम्हाजी के पास भी इसका समाधान नही था.तब सभी देवता भगवान विष्णु के पास पोहुचे और महिषासुर से बचाने की गुहार लगाने लगे.लेकिन भगवान विष्णु भी ब्रम्हाजी के वरदान से बंदे थे वो खुद जाकर महिषासुर को नही मार सकते थे.इसलिए भगवान विष्णु समेत सभी देवताओं ने माँ शक्ति की प्रार्थना की और उन्हें महिषासुर का अंत करने की बीनती की.

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माँ शक्ति ने भगवती नाम की सुंदर औरत का रूप लिया. सभी देवताओं ने अपने शस्त्र भगवती को दिए.सवारी के लिए शेर दिया और उन्हें महिषासुर को मारने की बीनती की.देवताओं के बीनती पर भगवती पृथ्वी पर पोहुची. भगवती के सौंदर्य को देख महिषासुर उनकी तरफ आकर्षित हुआ और भगवती को विवाह का प्रस्ताव दे दिया.इस बात से क्रोधित होकर भगवती ने महिषासुर को युद्ध के लिए ललकारा.एक औरत के ललकारे जानेसे महिषासुर भी क्रोधित हो गया और उसने भगवती का यह प्रस्ताव स्वीकार किया.इसके बाद भगवती और महिषासुर के बिच 9 रात्री और 10 दिन तक भीषण युद्ध चला.युद्ध के दसवे दिन यानि आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की दशमी को भगवती ने महिषासुर का वध किया.तबसे इस दिन को महत्त्व प्राप्त हुआ.

भगवान श्री राम और लंकापति रावण की कहानी – दशहरा कब है ?

वनवास के दौरान श्री राम,सीता और लक्षण कुटिया में रह रहे थे.तब लंकापति रावण माँ सीता का अपहरण कर उन्हें लंका ले जाता है.इसके बाद भगवान राम की वानरसेना और रावण की सेना के बिच भीषण युद्ध होता है.इस युद्ध में रावण की सेना कमजोर पड़ती है. तब रावण खुद युद्ध के मैदान में उतरता है और भगवान राम के साथ युद्ध करता है.इस युद्ध के दौरान भगवान राम नऊ दिनों तक माँ दुर्गा की पूजा करते है और दसवे दीन युद्ध में रावण का वध करते है.यह दिन आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की दशमी का दिन था. तबसे इस दिन को विजयादशमी के तौर पर मनाया जाता है.

नोट:- हमें उम्मीद है आपको अपने सवाल “दशहरा कब है” का जवाब मिल गया होगा.इस आर्टिकल में लिखी गयी सभी जानकारी को लिखनें मे बेहद सावधानी बरती गयी है.फिर भी किसी भी प्रकार त्रुटि की संभावना से इनकार नही किया जा सकता.इसके लिए आपके सुझाव कमेंट के माध्यम से सादर आमंत्रित हैं.

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