दीपावली कब है ?दीपावली के मुख्य त्यौहार कब है?

दीपावली कब है

दीपावली कब है ?

दीपावली कब है इसका जवाब एक तारीख में दे पाना मुश्किल है.दीपावली केवल एक त्यौहार नही है यह त्यौहारों का त्यौहार है.समूचे दुनिया में दीपावली को धूमधाम से मनाया जाता है.हर क्षेत्र के हिसाब से दीपावली अलग अलग तरीके से मनाई जाती है.इसी तरह हर क्षेत्र के हिसाब से दीपावली की शुरुआत अलग अलग दीन से होती है.अधिकतर लोग धनतेरस के दिन से दीपावली को मनाते है.दीपावली में पाँच दिन और पाँच त्यौहार प्रमुख होते है.इनमे धनतेरस, नरक चतुर्दशी, लक्ष्मीपूजन,बलि प्रतिपदा और भाई दूज शामिल है.
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इस साल दीपावली 5 नवंबर 2018 से 9 नवंबर 2018 तक मनाई जायेगी.दीपावली में मनाए जानेवाले मुख्य त्यौहार और उनकी तारीख निचे विस्तृत में बताई गयी है.

धनतेरस या धनत्रयोदशी दीपावली कब है ?

दीपावली कब है

दीपावली का त्योहार धनतेरस के साथ शुरू होता है.धनतेरस को दीपावली का पहिला दिन माना जाता है. हिंदु पुराणों के अनुसार धनतेरस कार्तिक मास की कृष्ण त्रयोदशी के दिन होता है.धनतेरस दो शब्दों से बना है.धन का मतलब संपत्ति और तेरस का मतलब तेरहवा दिन होता है.इस दिन सोना,चांदी या अन्य किसी भी धातु की खरीदारी करना शुभ माना जाता है.

धनतेरस को माँ धनवंतरी के जन्मदिन के तौर पर जाना जाता है.पुराणों के अनुसार धनतेरस के दिन समुद्र मंथन से माँ धनवंतरी प्रकट हुयी थी.माँ धनवंतरी अपने साथ अमृत कलश और आयुर्वेद का ज्ञान लेकर आयी थी.इसलिए माँ धनवंतरी को आयुर्वेद का जनक माना जाता है.
इस साल धनतेरस 5 नवंबर 2018 को मनाया जायेगा.

नरक चतुर्दशी या छोटी दीपावली कब है ?

दीपावली कब है

कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी को नरक चतुर्दशी कहते है.दीपावली का दुसरा दिन नरक चतुर्दशी के नाम से जाना जाता है.नरक चतुर्दशी को छोटी दीपावली के नाम से भी जाना जाता है.हिंदु मान्यताओं के अनुसार इस दिन सुबह स्नान कर यमराज की पूजा करने से और रात को दिप दान करने से अकाल मृत्यु का भय नही रहता.

धार्मिक कथाओं के अनुसार कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी को भगवान कृष्ण ने नरकासुर नाम के राक्षस का वध किया था और नरकासुर के चंगुल में फसी 16000 कन्याओं को बचाया था.जब कन्याओ ने भगवान कृष्ण से कहा की,समाज उन्हें स्वीकार नही करेगा तब भगवान कृष्ण ने उन्ह कन्याओं से शादी कर ली और उन्हें सन्मान प्रदान किया.नरक चतुर्दशी की रात भगवान कृष्ण उन्ह 16000 कन्याओं को अपनी पत्नी बनाकर महल ले आये.इस रात शहरवासियों ने दिप जलाकर भगवान कृष्ण की बारात का स्वागत किया.तबसे आजतक नरक चतुर्दशी को दिप जलाने की प्रथा है.
इस साल नरक चतुर्दशी 6 नवंबर 2018 को मनायी जायेगी.

लक्ष्मी पूजन या मुख्य दीपावली कब है ?

दीपावली कब है

दीपावली के त्यौहार का तीसरा और मुख्य त्यौहार है लक्ष्मी पूजन.हिंदु मान्यताओं के अनुसार यह त्यौहार कार्तिक अमावस के दिन मनाया जाता है.पूरी दुनिया में इस दिन को दीपावली के तौर पर मनाया जाता है.इस दिन से जुडी कई धार्मिक कथाए जनमानस में प्रसिद्ध है.

हिंदु धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसी अमावस की रात भगवान राम 14 साल का वनवास ख़त्म कर अयोध्या लौटे थे.अमावस होने की वजह से रास्ते में अँधेरा था इसलिए लोगोँ ने दिप जलाकर भगवान राम का स्वागत किया था.

ऐसी ही अन्य धार्मिक कथा के अनुसार इस दिन को देवी लक्ष्मी का जन्मदिन माना गया है.अमावस के इस दिन समुद्र मंथन से देवी लक्ष्मी प्रकट हुयी थी और उन्होंने भगवान विष्णु को पति के तौर पर चुना था.इसलिए इस दिन देवी लक्ष्मी की विशेष पूजा कर उन्हें प्रसन्न किया जाता है.
इस साल 7 नवंबर 2018 को दीपावली मनाई जायेगी.

बलि प्रतिपदा और गोवर्धन पूजन दीपावली कब है ?

दीपावली कब है

दीपावली के चौथे दिन को बली प्रतिपदा या गोवर्धन पूजन के रूप में मनाया जाता है.यह त्यौहार कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा के दिन मनाया जाता है.

हिंदु मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान वामन ने राजा बलि को पाताल लोक भेज दिया था.इससे जुडी लोककथा मशहूर है.

ऐसी ही एक अन्य मान्यता के अनुसार इस दिन भगवान कृष्ण ने देवताओं के राजा इंद्र की जगह गोवर्धन पर्वत की पूजा करना शुरू किया था.उन्होंने लोगोंसे भी गोवर्धन की पूजा करने का आवाहन किया था.उस दिन की याद में आज भी उत्तर भारत में गोवर्धन पूजा की जाती है.
इस साल 8 नवंबर 2018 को बलिप्रतिपदा और गोवर्धन पूजा मनाई जायेगी.

यम द्वितीय या भाईदूज दीपावली कब है ?

दीपावली कब है

दीपावली का आखरी दिन होता है यम द्वितीय या भाईदूज.यम द्वितीय या भाईदूज कार्तिक मास के शुक्ल पक्षकी द्वितीया तिथि को मनाया जाता है.इस दिन बहनें अपने भाई की खुशहाली और लंबी आयु के लिए कामना करती है और भाई अपनी बहन का आशीर्वाद लेते है.

भाईदूज से जुडी कई मान्यताए लोकमानस में प्रसिद्ध है.लोक कथाओं के अनुसार इस दिन यमुना ने भाई यमराज को अपने घर भोजन के लिए आमंत्रित किया.अपने काम में व्यस्त होने के बावजूद यमराज बहन का न्योता टाल नही सके.इसलिए वे बहन के घर भोजन के लिए चले गए.यमुना के भोजन और स्वागत से यमराज प्रसन्न हो गए और उन्होंने यमुना से वर माँगने के लिए कहा.तब यमुना ने यमराज से वर माँगा कि आप प्रतिवर्ष इस दिन मेरे यहां भोजन करने आया करेंगे.तथा इस दिन जो बहन अपने भाई को टीका करके भोजन खिलाए उसे आपका भय न रहै.उस दिन यमराज ने तथास्तु कहकर यमुना को वर दे दिया और यमुना का आशीर्वाद लेकर वे यमपुरी चले आए.
इस साल 9 नवंबर 2018 को भाईदूज मनाई जायेगी.

नोट:- हमें उम्मीद है आपको अपने सवाल “दीपावली कब है” का जवाब मिल गया होगा.इस आर्टिकल में लिखी गयी सभी जानकारी को लिखनें मे बेहद सावधानी बरती गयी है.फिर भी किसी भी प्रकार त्रुटि की संभावना से इनकार नही किया जा सकता.इसके लिए आपके सुझाव कमेंट के माध्यम से सादर आमंत्रित हैं.

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