सफला एकादशी व्रत कथा क्या है ?

सफला एकादशी व्रत कथा

सफला एकादशी व्रत कथा

सफला एकादशी व्रत कथा – पौष कृष्ण पक्ष की एकादशी को सफला एकादशी कहा जाता है.सफला एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित है.धन प्राप्ति और आर्थिक समृद्धि के लिए सफला एकादशी को भगवान विष्णु के साथ माँ लक्ष्मी की पूजा की जाती है.सफला एकादशी को लहसुन, शराब और नशीली चीजो का सेवन वर्जित है.इस बार सफला एकादशी 1 जनवरी 2019 को मंगलवार के दिन है.

सफला एकादशी व्रत कथा

पौराणिक धार्मिक कथा के अनुसार माना जाता है कि एक महिष्मान नाम का राजा था.उसेचार पुत्र थे.राजा का सबसे बडे पुत्र का नाम लुम्पक था.लुम्पक बड़ा महापापी था.वो हमेशा बुरे काम करता था और पिता का धन व्यर्थ करता रहता था.इसके साथ ही वो ऋषियों की निंदा और उन्हें परेशान किया करता था.जा महिष्मान राजा को लुम्पक इन कर्मों के बारे में पता चला तो उन्होनें अपने राज्य से लुम्पक को निकाल दिया.

राज्य से निकाल दिए जानेके बावजूद लुम्पक की अकल ठिकाने नहीं आयी.राज्य से निकालने के लिए वह अपने पिता को दोषी मानता था.पिता से क्रोधित लुम्पक ने अपने पिता की नगरी में चोरी करने की ठान ली.लुम्पक दिन में राज्य से बाहर एक वन में रहता था और रात को राज्य में जाकर चोरी करता था.महिष्मान राजा के सिपाही उसे पकड़ते लेकिन राजपुत्र मानकर वह उसे छोड़ देते थे.लुम्पक के पाप बढ़ते जा रहे थे.छोटी मोटी चोरी से लुम्पक को समाधान नही होता था.अब लुम्पक लोगों पर जुल्म करने लगा,उन्हें नुकसान भी पहुंचाने लगा था.ऐसेही दिन बीतते गए.सर्दी का मौसम आ गया था.

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लुम्पक जिस जंगल में रहता था,वहा वो एक पीपल के पेड़ के निचे सोता था.पौष माह की दशम तिथि के दिन बेहद ठंड पड़ी थी. इस ठंड की वजह से लुम्पक बेहोश हो गया था.अगले दिन जब उसे होश आया तो कमजोरी के कारण वो कुछ भी नहीं खा पाया.आस पास मिले फल उसने पीपल की जड़ में रख दिए.इस तरह से अनजाने में लुम्पकसे सफला एकादशी का व्रत पूरा हो गया.अनजाने में सही पर लुम्पक के व्रत से भगवान विष्णु प्रसन्न हो गए और उसके सभी पाप माफ कर दिए.

भगवान के पाप मुक्त करते ही लुम्पक फिर से ऊर्जावान बन जाता है.जब उसे पता चलता है कि बुरे कर्मो की वजह से वह क्षीण हो गया था और व्रत के कारण उसे ऊर्जा मिली है तब उसे गलती का अहसास होता है.गलती का अहसास होनेपर लुम्पक अपने पिता से माफी मांगता है.महिष्मान राजा उसे माफ कर देते हैं और अपने राज्य में वापस बुला लेते है.

नोट:- हमें उम्मीद है आपको “सफला एकादशी व्रत कथा क्या है” का जवाब मिल गया होगा.इस आर्टिकल में लिखी गयी सभी जानकारी को लिखनें मे बेहद सावधानी बरती गयी है.फिर भी किसी भी प्रकार त्रुटि की संभावना से इनकार नही किया जा सकता.इसके लिए आपके सुझाव कमेंट के माध्यम से सादर आमंत्रित हैं.

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