सर्जिकल स्ट्राइक क्या है ? क्यों और कब हुआ ?

सर्जिकल स्ट्राइक

सर्जिकल स्ट्राइक क्या है?

सर्जिकल स्ट्राइक एक ऐसा सैनीक अभियान है जिसमें किसी खास लक्ष्य को निशाना बनाया जाता है.भारतीय सेना ने 29 सितंबर 2016 को पाकिस्तानी सिमा में सर्जिकल स्ट्राइक किया था.आतंकवादीयो के ऊपर किया हुआ यह सैनिक अभियान भारत में चर्चा का विषय बना था.

भारतीय सेना को जानकारी मिली थी कि लाइन ऑफ कंट्रोल के पास आतंकवादी लॉन्च कैंप पर इकट्ठा हुए थे.इसके बाद भारतीय सेना ने पाकिस्तान की सीमा में घुसकर पाकिस्तान में आतंकियों के ठिकानों पर हमला किया. सैनिकी भाषा में इसे सर्जिकल स्ट्राइक कहते हैं.

सर्जिकल स्ट्राइक क्यों किया गया?

सर्जिकल स्ट्राइक
निशाना साधे बैठा सैनिक

भारत की सेना ने उरी हमले में शहीद हुए 19 सैनिकों की शहादत का बदला लेने के लिए यह ऑपरेशन कीया था.भारतीय सेना ने 29 सितंबर 2016 की रात जम्मू कश्मीर में लाइन ऑफ कंट्रोल यानी नियंत्रण रेखा के आसपास के इलाकों में पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर यानी पीओके में इस मुश्किल सैनिकी अभियान को अंजाम दिया था.

सर्जिकल स्ट्राइक से क्या हासिल हुआ?

भारतीय सेना ने पीओके में चल रहे आतंकवादियों के सात कैंप को तबाह किये.सेना द्वारा जारी बयांन में बताया गया की,पीओके में आतंकवादी कैंप अलग-अलग जगह थे.यह कैंप एलओसी पर 500 मीटर से लेकर 2 किलोमीटर तक की रेंज में चल रहे थे.भारतीय सेना के मुताबिक इस अभियान में 30 से 35 आतंकवादी मारे गए. सेना के मुताबिक मरने वाले आतंकियों की संख्या कम से कम 30 और ज्यादा से ज्यादा 100 तक है. इस सर्जिकल अभियान की वजह से भारतीय सेना को आतंकवादीयो की घुसपैठ रोखने में मदत मिली है.

29 सितंबर को सर्जिकल स्ट्राइक के लिए क्यों चुना गया?

सर्जिकल स्ट्राइक
सैन्य अभ्यास करते हुए सैनिक

सर्जिकल स्ट्राइक जैसी चुनोतिपूर्ण अभियानों में मौसम का बेहद ध्यान रखा जाता है. माना जाता है की ऐसे अभियानों में सैनिको के दो पक्के साथी होते है.पहला अंधेरा और दूसरा होता है खराब मौसम. भारतीय सेना ने अमावस्या की रात चुनी थी और संयोग से 29 सितंबर की रात मौसम ठीक नही था.इसलिए सेना ने इस मुश्किल अभियान के लिए 29 सितंबर की रात को चुना.

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