Afzal guru kaun hai- अफज़ल गुरु कौन है

Afzal guru kaun hai

Afzal guru kaun hai-अफज़ल गुरु कौन है

Afzal guru kaun hai-अफज़ल गुरु कश्मीरी आतंकवादी है जिसने जैश ए मोहम्मद के आतंकवादियो के साथ मिलकर भारतीय संसद भवन पर हमला किया था. इस जुर्म में अफज़ल गुरु को फाँसी की सजा दी गयी है.

नामअफज़ल गुरु
जन्म30 जुन 1969
मौत13 फरवरी 2013
मौत की जगहतिहार जेल
मौत की वजहफाँसी की सजा
गुनाहसंसद भवन पर हमले का सूत्रधार
13 दिसंबर 2001
पिताहबीबुल्लाह गुरु
माताआयेशा गुरु
पत्नीताबसुम गुरु
बेटाग़ालिब गुरु

अफज़ल गुरु का जीवन परिचय

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                          मोहम्मद अफज़ल गुरु की पत्नी और बेटा

अफज़ल गुरु का जन्म 30 जून 1969 को जम्मु कश्मीर के बारामुल्ला जिल्हे के दू आबगाह गांव में हुआ. अफज़ल गुरु के पिता का नाम हबीबुल्लाह और माँ का नाम आयशा बेगम है. अफज़ल गुरु के पिता की मौत उसके बचपन में हो गयी, हबीबुल्लाह लकड़ी ट्रांसपोर्ट का व्यापार करते थे.

अफज़ल गुरु ने साल 1986 में सापोर के गवर्मेंट कॉलेज से मैट्रिक की परीक्षा उत्तीर्ण की,उसके बाद अफज़ल ने झेलम वैल्ली से मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस में दाखला लिया था.एमबीबीएस का एक साल पूरा करने के बाद अफज़ल की मुलाकात कश्मीरी अलगावादीयोसे हुयी.

साल 1993 -1994 में अफज़ल ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से अर्थशास्त्र में स्नातक की पदवी ली. साल 1998 में अफज़ल गुरु की शादी बारामुल्ला की रहनेवाली ताबासुम से हुयी.

Afzal guru kaun hai- अफज़ल गुरु की ट्रेनिंग

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                              सैयद अब्दुल रहमान गिलानी

अफज़ल गुरु अपने गांव सापोर में फलो का व्यापार करने लगा था.इसी बिच उसकी मुलाकात अनंतनाग के तारिक़ से हुयी. तारिक ने उसे जिहाद और कश्मीरी स्वतंत्रता के लिए उकसाया.

तारिक के बातों में आकर अफज़ल गुरु ने लाइन ऑफ़ कण्ट्रोल (LoC) के उस पार मुज़्ज़फ़राबाद में एक आतंकवादी गुट “जम्मु कश्मीर लिबरेशन फ्रंट” में शामिल हो गया.यहाँ पर उसने आतंकवाद की ट्रेनिंग ली.ट्रेनिंग पूरी करने के बाद अफजल फिरसे अपने गांव सापोर आ गया.यहाँ उसे 300 अलगावादियों का सरगना चुना गया.

अफज़ल गुरु के एक दोस्त शौकत ने उसकी मुलाकात दिल्ली के प्रोफेसर सैयद अब्दुल रहमान गिलानी से की.गिलानी उस समय विवादित इस्लामिक स्कॉलर झाकिर नाईक के कॉलेज में अरेबिक पढ़ाता था.गिलानी से मिलने के बाद अफज़ल गुरु की जिहाद में धारणा और बढ़ गयी.गिलानी से अफज़ल की बढती नजदीकियों ने अफज़ल BSF (बॉर्डर सिक्यूरिटी फ़ोर्स) के रडार पर आ गया. परिवार वालो के समजाने के बाद अफज़ल ने खुदको BSF के आगे सरेंडर कर दिया.दो साल BSF के निगरानी में रहने के बाद अफज़ल साल 1996 में दिल्ली चला गया.यहाँ उसने एक मेडिकल स्टोर में एरिया मेनेजर की तौर पर काम करना शुरू कर दिया था.

Afzal guru kaun hai- संसद भवन पर हमला

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               हमले के वक़्त अपनी जगह पर तैनात सुरक्षाकर्मी

13 दिसम्बर 2001 को लश्कर ए तैयब्बा के पांच आतंकवादियों ने भारतीय संसद भवन पर हमला कर दिया.आतंकवादीयो ने भारतीय गृहमंत्रालय को मोहर लगायी हुयी गाड़ी का इस्तेमाल संसद भवन के भीतर जाने के लिए किया.
आतंकवादी AK47, ग्रेनेड लांचर और हथगोलों से लैस थे. आतंकवादियो ने गृह मंत्रालय का चिन्ह लगी गाड़ी का इस्तेमाल संसद भवन के भीतर जाने के लिए किया था.गाड़ी से उतरकर आतंकवादीयो ने अंदाधुंद गोलीबारी शुरू कर दी.इस हमले में 8 सुरक्षा जवानो सहित 1 सफाई कर्मचारी की मौत हो गयी. सुरक्षारक्षको के जवाबी हमले में 5 आतंकवादीयो को मौत के घाट उतारा गया.इनमे लश्कर ए तैयब्बा और जैश ए मोहम्मद के आतंकवादी शामिल है.

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                                         आतंकवादी मसूद अज़हर

इस हमले में पाकिस्तानी आतंकवादी मौलाना मसूद अज़हर,गाज़ीबाबा, तारिक अहमद और अली अबु जिहादी भी शामिल थे.भारतीय सुरक्षा एजेंसी ने गिलानी,अफज़ल गुरु,शौकत हुसैन गुरु और उसकी बीवी अफसान हुसैन गुरु को हमले में हाथ होने के जुर्म में गिरफ्तार कर लिया.

Afzal guru kaun hai- गिरफ्तारी के बाद से पूर्ण घटनाक्रम

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                                                  मौत की सजा
  • 15 दिसंबर 2001 -अफज़ल गुरु को कश्मीर से गिरफ्तार किया गया.साथ ही शाकौत हुसैन गुरु,अफसान हुसैन गुरु और अब्दुल रहमान गिलानी को गिरफ्तार किया गया.
  • 29 दिसंबर 2001- अफज़ल गुरु को 10 दिन की पुलिस रिमांड में भेजा गया.
  • 4 जून 2002 – अफज़ल गुरु समेत तीनो आरोपियों पर चार्जशीट दायर हुयी.
  • 18 दिसंबर 2002- अफज़ल गुरु, शौकत हुसैन गुरु और गिलानी को मौत की सजा सुनाई गयी.
  • 30 अगस्त 2003 – हमले का मुख्य सूत्रधार और जैश ए मोहम्मद का सरगना गाज़ीबाबा BSF की करवाई में मारा गया.
  • 29 अक्टूबर 2003 – कोर्ट ने अब्दुल रहमान गिलानी को बरी कर दिया.
  • 4 अगस्त 2005 – सुप्रीम कोर्ट ने अफज़ल गुरु के फाँसी पर मुहर लगाई और शौकत हुसैन गुरु की फाँसी की सजा को 10 साल की सजा में बदला.
  • 26 सितम्बर 2006- दिल्ली हाई कोर्ट ने अफज़ल गुरु को फाँसी पर लटकाने का आदेश दिया.
  • 3 अक्टूबर 2006- अफज़ल गुरु की पत्नी ताबसुम गुरु ने तत्कालीन राष्ट्रपति अब्दुल कलाम को दया की अपील की.
  • 12 जनवरी 2007- सुप्रीम कोर्ट ने अफज़ल गुरु की फेरविचार याचिका को ख़ारिज किया.
  • 19 मई 2010- दिल्ली सरकार ने अफज़ल गुरु की दया याचिका ख़ारिज की.
  • 30 दिसंबर 2010- शौकत हुसैन को तिहार जेल से रिहा किया गया.
  • 3 फरवरी 2013- तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुख़र्जी ने अफज़ल गुरु की दया याचिका ख़ारिज की.
  • 9 फरवरी 2013- अफज़ल गुरु को तिहार जेल में फाँसी पर लटकाया गया.
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