ईएमआई क्या है ? EMI kya hai ?

Emi kya hai

EMI kya hai ईएमआई का मतलब इक्वेटेड मंथली इंस्टॉलमेंट (Equated Monthly Installment) यानि समान मासिक किश्त होता है.जब भी कोई व्यक्ति किसी प्रकार का लोन लेता है.तो उसको इस लोन को किश्तों में चुकाना पड़ता है.इन किश्तों को ही ईएमआई कहते है.

ईएमआई क्या है ? – EMI kya hai ?

हमें अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए पैसो की जरुरत पड़ती है.लेकिन कई बार पैसो की कमी के चलते हमें लोन लेना पड़ता है. यह लोन फिर होम लोन,एजुकेशन लोन,कार लोन या पर्सनल लोन जैसा कोई भी लोन हो सकता है. जब भी हम कोई लोन लेते है,तब हमें उस लोन को एक तय समय के भीतर जमा कराना पड़ता है.साथ ही उस लोन पर ब्याज के तौर पर कुछ अतिरिक्त रकम भरनी पड़ती है.

जब भी हम ऐसा कोई लोन लेते है, तो उसे एकबार में चुकाना नामुमकिन हो जाता है.इसलिए बैंक हमें ईएमआई का ऑप्शन देती है.यानि ईएमआई के तौर पर हमें हर महीने उस लोन की कुछ रकम बैंक में जमा करानी पड़ती है.यानि बैंक हमें लोन को किश्तों में चुकाने की सुविधा देती है.इसी सुविधा को ईएमआई कहते है.लेकिन इसके बदले बैंक हमसे ब्याज वसूलती है.

ईएमआई का उदाहरण – EMI kya hai ?

EMI kya hai ?उदाहरण के तौर पर मान लीजिए रमेश नाम का एक व्यक्ति है. रमेश सरकारी स्कूल में शिक्षक की नौकरी करता है.रमेश को हर महीने 40,000 रुपयो की पगार है.हर महीने रमेश का खर्च 15000 है.ऐसे में रमेश अपनी पगार में से 25000 हर महीने बचत करता है.

अब रमेश को मकान बनाना है.मकान बनाने के लिए रमेश को 20 लाख रुपयो की आवश्यकता है.अगर रमेश अपनी पगार में से हर महीने 25000 हजार भी बचा ले, तब भी 20 लाख जमा करने में उसे तकरीबन 8 साल लग जायेंगे.लेकिन रमेश 8 साल तक इंतेजार नही कर सकता.ऐसे में रमेश बैंक से लोन लेगा.

मान लीजिए बैंक रमेश को 20 लाख का लोन देती है.बैंक यह लोन रमेश को 8 साल के लिए देती है.यानि बैंक द्वारा लिया लोन रमेश को 8 साल में चुकाना होगा.साथ ही बैंक इस लोन पर 10 परसेंट ब्याज और 2 परसेंट प्रोसेसिंग फीज भी लेगी.इस हिसाब से 10 परसेंट ब्याज लगाने पर लोन 22,00,000 रुपये हो जाता है और इसमें 2 परसेंट प्रोसेसिंग फीज जोड़ने पर कुल लोन 22,40,000 रुपयो का होता है.

रमेश को यह लोन ईएमआई यानि हर महीने किश्तों में चुकाना है.इस हिसाब से रमेश को हर महीने तकरीबन 23,333 रुपये (ब्याज और प्रोसेसिंग फीज को जोड़कर) ईएमआई के तौर पर बैंक में जमा करने होंगे.तो इस केस में 23,333 रुपये ईएमआई हो जाता है.

नो कॉस्ट ईएमआई क्या है? – No cost EMI kya hai ?

जब भी हम ईएमआई पढ़ते है साथ में और एक शब्द आ जाता है “नो कॉस्ट ईएमआई”.अब सवाल यह है की,” No cost EMI kya hai ?”.नो कॉस्ट ईएमआई भी ईएमआई ही होता है. लेकिन इसमें बैंक आपसे कोई ब्याज और प्रोसेसिंग फीज नही लेती है.यानि आप जीतना लोन लेते है आपको उतना ही लोन बैंक में जमा कराना पड़ता है.इसके अतिरिक्त आपको कुछ नही देना पड़ता.

ऊपर दिए हुए रमेश के उदाहरण को “नो कॉस्ट ईएमआई” के तौर पर देखे तो,रमेश को केवल 20,00,000 रुपये ही बैंक में जमा करना पड़ेगा.रमेश को लोन पर कोई ब्याज और प्रोसेसिंग फीज देने की जरुरत नही होगी.

आमतौर पर बेहद कम मौकों पर नो कॉस्ट ईएमआई दिया जाता है.ज्यादातर नो कॉस्ट ईएमआई ऑनलाइन शॉपिंग करते समय दिया जाता है.अमेज़न,फ्लिपकार्ट जैसी बड़ी बड़ी कंपनिया अपने ग्राहकों को नो कॉस्ट ईएमआई की सेवा देती है.लेकिन नो कॉस्ट एमआई की सेवा लेने के लिए आपके पास क्रेडिट कार्ड होना जरुरी है.

ईएमआई कैसे लिया जाता है? – EMI kya hai ?

ईएमआई सेवा ऑनलाइन और ऑफलाइन तरीको से लियी जा सकती है.ऑफलाइन ईएमआई को आपको बैंक में जाकर हर महीने भरना पड़ता है. अगर आप नौकरी करते है और आपकी पगार और लोन एक ही बैंक में है.तब बैंक हर महीने आपके अकाउंट से ईएमआई अपनेआप काट लेता है.अगर आप नौकरी नही करते तब आपको हर महीने बैंक में जाकर ईएमआई भरना पड़ेगा.

ऑनलाइन ईएमआई भरने के लिए आपके पास क्रेडिट कार्ड होना जरुरी है.अगर आपके पास क्रेडिट कार्ड है, तो आपके लोन की ईएमआई हर महीने आपके कार्ड से अपनेआप कट जायेगा.और जीतनी भी अमाउंट ईएमआई के तौर पर आपके क्रेडिट कार्ड से कटेगा.उतनी रकम आपके क्रेडिट कार्ड के बिल में जोड़ा जायेगा.

यह भी पढ़िए :- क्रेडिट कार्ड क्या होता है?

ईएमआई के फायदे – EMI kya hai ?

  • लोन चुकाने के लिए समय मिलना “ईएमआई” का सबसे बड़ा फायदा है.
  • ईएमआई की मदत से घर,कार,सोना,हिरे जैसी महँगी चीजे आसानी से ख़रीदी जा सकती है,जिन्हें एकबार में पैसे चुकाकर नही ख़रीदा जा सकता.
  • ईएमआई की वजह से लोन हर महीने थोडा थोडा कटता है.इसलिए एकबार में जेब पर ज्यादा बोझ नही पड़ता.
  • नो कॉस्ट ईएमआई की मदत से महँगी से महँगी चीजों को ऑनलाइन ख़रीदा जा सकता है.
  • नो कॉस्ट ईएमआई से चीजे खरीदने पर अतिरिक्त ब्याज नही देना पड़ता.

ईएमआई के नुकसान – EMI kya hai ?

ईएमआई के फायदों के साथ इसके कुछ नुकसान भी है:-

  • लोन को ईएमआई के तौर पर चुकाने से अतिरिक्त रकम बैंक में जमा करानी पड़ती है.यानि जितने रूपयो का आप लोन लेते है उससे ज्यादा पैसे आपको चुकाने पड़ते है.
  • ईएमआई को हर महीने भरना पड़ता है.अगर एक भी महीने में ईएमआई न भरा तो बैंक आपपर जुरमाना लगाती है.
  • समय से पहले ईएमआई नही भर सकते. यानि आपके पास अगर पैसे आ जाते है और आप लोन जल्दी भरना चाहते है.तब भी आप लोन तय सिमा से पहले नही भर सकते.
  • लोन तय सिमा से पहले चुकाने के लिए आपको अतिरिक्त फीज देनी पड़ती है.
  • ईएमआई भरने का टेंशन भी इसका एक नुकसान है.आमतौर पर इंसान के जिंदगी के 10-15 साल ईएमआई भरने की टेंशन में निकल जाते है.
शेयर करे !