Nota kya hai – नोटा क्या है?

Nota kya hai -नोटा क्या है ?

Nota kya hai – नोटा का फुल्लफॉर्म None of the above (नन ऑफ़ दी अबव होता है). जिसका मतलब “ऊपर दिए में से कोई नही” ऐसा होता है.
आमतौर पर नोटा का इस्तेमाल चुनाव के दौरान किया जाता है.जब मतदाता को लगता है की चुनाव में खडा कोई भी उमेदवार उसके वोट के लायक नही है. तब उसे नोटा के माध्यम से अपना मत प्रदर्शित करने का मौका मिलता है. नोटा को वोट देकर वह जता सकता है की, चुनाव में खड़ा कोई भी उमेदवार उसे पसंद नहीं है.

Nota kya hai – नोटा का इतिहास

नोटा का सबसे पहला इस्तेमाल अमेरिका के नेवाडा में साल 1976 में हुआ.तब इसे NOTC के रूप में लाया गया.जिसका मतलब ‘नन ऑफ़ थीस कैंडिडेट’ होता है.
इसके बाद से अमेरिका, रशिया,भारत,इंडोनेशिया, कॅनडा, ब्रिटन जैसे कई देशो ने नोटा को अपने वोटिंग सिस्टम में जगह दी है.

Nota kya hai – भारतीय चुनाव में नोटा का इस्तेमाल

Nota kya hai
भारतीय निर्वाचन आयोग

भारतीय निर्वाचन आयोग ने साल 2009 में सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर कर एलेक्शन में नोटा का आप्शन लाने की बात सामने रखी थी.लेकिन तत्कालीन केंद्र सरकार ने निर्वाचन आयोग के इस कदम पर सवाल उठाये और इसका विरोध किया.

इसके बाद पीपल यूनियन फॉर सिविल लिबर्टी नाम के एक एनजीओ ने सुप्रीम कोर्ट में नोटा के समर्थन में पीआइएल लाया.इसपर फैसला सुनाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने 27 सितंबर 2013 के निर्वाचन आयोग को नोटा का इस्तेमाल करने का आदेश दिया.तबसे भारत में ईवीएम मशीन में नोटा का इस्तेमाल किया जा रहा है.

Nota kya hai – नोटा को लेकर निर्वाचन आयोग का रुख

भारतीय निर्वाचन आयोग नोटा को लेकर काफी सखारात्मक है. निर्वाचन आयोग ने नोटा को मिलने वाले वोटों को लेकर एक सूचि जाहिर की थी.

निर्वाचन आयोग ने साफ किया है की नोटा को मिलनेवाले मत का इस्तेमाल किसी भी पार्टी के खिलाफ नही किया जा सकता.

अगर नोटा को किसी उम्मीदवार से ज्यादा मत मिलते है तो उसकी जमानत जब्त नही होगी.

अगर नोटा को सभी उमीदवारों से ज्यादा वोट मिलते है, तब भी चुनाव पर इसका कोई असर नही होगा.मतलब नोटा के बाद जिस उम्मीदवार को ज्यादा वोट मिला है वह चुनाव जित जायेगा.

नोटा को इस्तेमाल कर मतदाता चुनाव में खड़े उमीदवारों के प्रती केवल अपनी नापसंदगी जाहिर कर सकता है.

Nota kya hai – नोटा का अबतक का सफ़र

Nota kya hai
नोटा का सांकेतिक चिन्ह

साल 2013 में पहली बार इस्तेमाल होने के बाद से नोटा मतदाताओं में काफी लोकप्रिय हो गया है.

साल 2014 के आमचुनाव में नोटा को तकरीबन 60 लाख वोट पड़े थे.जो पुरे मतों के तकरीबन 1.1% था.

निर्वाचन आयोग नोटा को राज्यसभा के चुनावों में इस्तेमाल करने की तयारी कर रहा है.

18 सितंबर 2015 को नोटा को सांकेतिक चिन्ह प्रधान किया गया.इस चिन्ह को अहमदाबाद के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ डिज़ाइन ने तैयार किया है.

शेयर करे !